Home National Issue चंबल में पुलिस बनाएगी डकैतों का म्यूजियम, फूलन देवी से लेकर निर्भय गुज्जर तक के रखे जायेंगे सामान

चंबल में पुलिस बनाएगी डकैतों का म्यूजियम, फूलन देवी से लेकर निर्भय गुज्जर तक के रखे जायेंगे सामान

चंबल में पुलिस बनाएगी डकैतों का म्यूजियम, फूलन देवी से लेकर निर्भय गुज्जर तक के रखे जायेंगे सामान

मध्यप्रदेश पुलिस चम्बल में डकैतों के लिए एक म्यूजियम बना रही है। इस म्यूजियम में फूलन देवी द्वारा इस्तेमाल की गई बंदूक, निर्भय गुर्जर का टेप रिकॉर्डर, फिरौती मांगने वाली चिट्ठियां, लोगों को बाँधने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जंजीरें और डाकुओं के ऊपर बनी बॉलीवुड फिल्म के पोस्टर भी रखे जायेंगे। चम्बल को कभी देश के बड़े बड़े खूंखार डकैतों का घर कहा जाता था।

भिंड के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने कहा है कि म्यूजियम बनाने के पीछे का मकसद पूर्व में डकैत रहे लोगों की बुराई दिखाना नहीं है बल्कि यह दिखाना है कि कैसे अपराध को खत्म करने के लिए कई पुलिसकर्मियों ने अपना बलिदान दिया। इसके अलावा एसपी मनोज सिंह ने कहा कि पिछले पांच दशक में हुए अपराधों के करीब 2000 रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम में यहाँ रखा जाएगा। 

साथ ही मनोज सिंह ने कहा कि इस म्यूजियम को भिंड पुलिस के मुख्यालय के चार कमरों में स्थापित किया जाएगा। इन कमरों में 28 पुलिसकर्मियों की तस्वीरें भी होंगीं जो चम्बल क्षेत्र में डकैतों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। साथ ही यहाँ करीब 30 पुलिसकर्मियों की फोटो भी होंगी जिनको वीरता पुरस्कार भी दिया गया था। इसके अलावा अपने उत्कृष्ट काम के लिए समय से पहले प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों की फोटो भी इस म्यूजियम में रखी जाएगी।

इस म्यूजियम के निर्माण के लिए 26 पुलिस थानों के पुलिसकर्मियों ने मिलकर करीब 3 लाख रूपये इकट्ठे किये हैं। इस म्यूजियम में चार स्मार्ट टीवी भी लगाया जा रहा है जिसपर अपहरण की कहानियों को बयां करते हुए कई वीडियो दिखाए जायेंगे। इसके अलावा टीवी पर पीड़ित परिवार की कहानी भी लोगों को दिखाई जायेंगी कि कैसे अपहरण की वजह से उनका जीवन प्रभावित हो गया था। पुलिस संग्रहालय के साथ एक पर्यटन मार्ग विकसित करने पर भी विचार कर रही है जिसमें डकैत पान सिंह तोमर की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत वाली जगह और एमजेएस कॉलेज को जोड़ा जाएगा। आपको बता कि एमजेएस कॉलेज में ही फूलन देवी ने आत्मसमर्पण किया था।

हालाँकि पुलिस के इस कदम से पूर्व डकैत रहे कई लोग खुश नहीं है। मलखान सिंह नाम के एक डकैत ने द इन्डियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि पुलिस अपनी पसंद से हमें कलंकित करती रहती है। क्या कोई उनसे पूछ सकता है कि हमें विद्रोही और डकैत किसने बनाया? साथ ही मलखान सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने उनके वादों पर आत्मसमर्पण किया था उनके लिए पुनर्वास की क्या व्यवस्था की गई है?




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