इंदिरा ने दिया था ‘हम दो, हमारे दो’ का नारा- राहुल पर विज का पलटवार

हरियाणा के गृह मंत्री अनिज विज ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि ‘हम दो, हमारे दो’ का नारा देश के परिवार नियोजन अभियान के लिए उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दिया था। राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को तीन विवादित कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इन कानूनों से मंडियां खत्म हो जाएंगी और कृषि क्षेत्र कुछ बड़े उद्योगपतियों के नियंत्रण में चला जाएगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ‘‘सालों पहले परिवार नियोजन का नारा था, हम दो हमारे दो। जैसे कोरोना दूसरे रूप में आता है, उसी तरह यह नारा फिर से आया है। यह हम दो, हमारे दो की सरकार है।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट भी किया था, ‘‘हम दो, हमारे दो’ की सरकार।’’

विज ने ट्वीट किया, ‘‘राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के बारे कहा है कि यह ‘हम दो, हमारे दो’ की सरकार है। राहुल गांधी शायद यह नहीं जानते कि ‘हम दो, हमारे दो’ का नारा तो उनकी दादी इंदिरा गांधी ने दिया था। हमारा नारा तो सबका साथ, सबका विकास है। राहुल गांधी को अपने ही परिवार के इतिहास का ज्ञान नहीं है।’’

राहुल गांधी ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा था, ‘‘अब चार लोग इस देश को चला रहे हैं…और हर किसी को पता है कि वे कौन हैं।’’ बता दें आज केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर प्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि वह अपने दोस्तों के लिए रास्ता साफ करना चाहते हैं।

गांधी ने कहा कि ये कानून सिर्फ किसान का मुद्दा नहीं बल्कि गरीबों, मजदूरों और देश की 40 प्रतिशत जनता का मुद्दा और कांग्रेस पार्टी इन्हें रद्द करवाके ही मानेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर भी केंद्र की भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसानों को धमकाने, मारने पीटने वाली सरकार उस चीन के सामने खड़ी तक नहीं हो पा रही जिसने हमारी हजारों किलोमीटर जमीन हड़प ली है।

 

गांधी ने सवाल किया, प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि उन्होंने ये कानून किसानों के हित में बनाए हैं, ऐसे में सवाल यह है कि पूरे देश में किसान दुखी क्यों हैं? दिल्ली की सीमाओं पर महीनों से लाखों किसान आंदोलन क्यों कर रहे हैं?

 

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