डिबेट में रिटायर्ड मेजर ने पूछा आपको कैसे पता चीन अंदर आ गया? मिला जवाब…

रिपब्लिक भारत पर डिबेट के दौरान रिटायर्ड मेजर गौरव आर्या ने राजनीतिक विश्लेषक विवेक श्रीवास्तव से पूछा आपको कैसे पता कि चीन अंदर आ गया? इस पर पैनलिस्ट ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी में बहुत अनुशासन है। सेना की बहुत इज्जत करते हैं। पलटकर जवाब देते हुए विश्लेषक ने कहा कि आपको कैसे पता कि चीन अंदर नहीं आया है? इस पर गौरव आर्या ने कहा, ” क्योंकि आर्मी चीफ का बयान है।” विश्लेषक ने कहा कि देश की जनता को गुमराह मत कीजिए। चीन अंदर आया था। इस पर गौरव आर्या ने कहा, ”मैं जनरल नरवणे को अपना चीफ मानता हूं। मेरे चीफ ने कहा कि चीन अंदर नहीं आया। कहानी खत्म मेरे लिए।”

बता दें कि भारत और चीन लद्दाख के पैंगॉन्ग त्सो में पीछे हटने के लिए एक समझौते पर पहुंचे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में आज इस बात की जानकारी दी। लंबे चले गतिरोध के बाद मामले में सफलता मिली है। इसके लिए सैन्य कमांडरों और राजनयिकों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी निरंतर वार्ता से चीन के साथ पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण किनारे पर पीछे हटने पर समझौता हुआ है। इस समझौते के बाद भारत-चीन चरणबद्ध तरीके से सेना की तैनाती को कम करेंगे।

राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं इस सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इन वार्ताओं में हमने कुछ भी खोया नहीं है।” “पांगोंग झील क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती को कम करने के लिए हम चीनी पक्ष के साथ समझौता करने में सफल रहे हैं। दोनों पक्ष चरणबद्ध तरीके से सेना की तैनाती को कम करेंगे।

सिंह ने कहा कि चीनी फिंगर 8 के पूर्व में नॉर्थ बैंक क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखेंगे और भारतीय सेना फिंगर 3 के पास धन सिंह थापा पोस्ट में उनके स्थायी ठिकाने पर रहेगी। दोनों पक्षों द्वारा दक्षिण बैंक में इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, “उत्तर और दक्षिण बैंक क्षेत्र में अप्रैल 2020 से दोनों पक्षों द्वारा बनाए गए किसी भी ढांचे को हटा दिया जाएगा ।” मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष गश्त सहित नॉर्थ बैंक में सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाने पर भी सहमत हुए हैं। जब दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य वार्ता में एक समझौते पर पहुंचेंगे, तो गश्त को फिर से शुरू किया जाएगा।

 

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