ट्विटर मामले में भाजपा सांसद बोले- क्या मोदी को पॉपुलर करने के लिए ‘गंदी भाषा’ और IT सेल की होगी जांच

26 जनवरी को किसान आन्दोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद सरकार ने कई सारे ट्विटर अकाउंट पर नकेल कसने शुरू कर दिए थे। सरकार ने ट्विटर को 257 अकाउंट को हर हाल में डिलीट करने को कहा था। इसी बीच सरकार के द्वारा उठाये जा रहे इस कदम पर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि क्या सरकार प्रधानमंत्री को पॉपुलर करने के लिए विपक्षी नेताओं के लिए गन्दी भाषा इस्तेमाल करने वाले और बीजेपी आईटी सेल के अकाउंट की जांच करवाएगी।

भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि क्या सरकार ट्विटर पर मौजूद आपत्तिजनक सामग्री से निपटने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता के लिए विपक्षियों के खिलाफ गंदी भाषा का इस्तेमाल करने के लिए भाजपा आईटी सेल और पीएमओ के प्रयासों की जांच करेगी। आपको बता दूँ कि भारत सरकार ने ट्विटर से 257 अकाउंट पर रोक लगाने के लिए कहा है। साथ ही सरकार ने 257 अकाउंट की सूची पर ट्विटर से किसी भी तरह की बातचीत करने से इनकार कर दिया है।

सरकार ने ट्विटर से ऐसे अकाउंट को बंद करने को कहा जो देश में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर गलत एवं भड़काऊ सूचनाएं लोगों के साथ साझा कर रहे हैं। साथ ही सरकार ने आदेश का पालन नहीं करने पर ट्विटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।

थोड़े दिन पहले सरकार ने 4 फरवरी को ट्विटर से करीब 1178 अकाउंट पर रोक लगाने को कहा था। सरकार ने ट्विटर को कहा था कि ये सभी अकाउंट खालिस्तान समर्थक हैं और इनका जुडाव पाकिस्तान से है। सरकार ने यह भी कहा था कि इन अकाउंट के द्वारा भड़काऊ सामग्री साझा की गयी है। हालाँकि सरकार के द्वारा शिकायत किए जाने के बाद  ट्विटर ने थोड़े समय के लिए कुछ अकाउंट्स पर रोक लगाई थी। लेकिन बाद में उनमें से अधिकतर अकाउंट को बहाल कर दिया गया था। बुधवार को ट्विटर ने ब्लॉगपोस्ट में बताया था कि उसने भारत सरकार के निर्देश पर भ्रामक और भड़काऊ विषयवस्तु के प्रचार को रोकने के लिए 500 से ज्यादा अकाउंट पर रोक लगा दी है और कुछ को ब्लॉक कर दिया है। 

 

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