ये कोई रोटी बंट रही है…चीन पर बोले पैनलिस्ट रहमान, अर्नब ने लगाई लताड़- मेरे प्रोग्राम में आकर बकवास करेंगे, राहुल बाबा ने बोला?

भारत-चीन सीमा विवाद के मुद्दे पर टीवी चैनल रिपब्लिक भारत के डिबेट शो ‘पूछता है भारत’ में पैनलिस्ट और एंकर के बीच खूब बहस हुई। डिबेट में राजनीतिक विश्लेषक मोहम्मद तौसीफ रहमान ने चीन द्वारा कथित तौर पर भारत की जमीन कब्जाने पर कहा- कोई रोटी बंट रही है। हमारे यहां कोई भी आता है लेकर चला जाता है, फिर वापस देकर चला जाता है। बात की पुष्टि होने चाहिए।

पैनलिस्ट की इस बात से एंकर अर्नब गोस्वामी बिगड़ गए। उन्होंने रहमान पर काउंटर सवाल दागते हुए पूछा कि उन्हें किसने बताया कि किसने छीन लिया, नाम बता दो। सूचना का स्रोत किया है। अर्नब ने पैनलिस्ट को लताड़ लगाते हुए आगे कहा- मेरे प्रोग्राम में आकर बकवास करेंगे। किसने छीन लिया। नाम बताओ। आपको सोर्स कौन हैं? राहुल बाबा ने फोन करके बोला? कांग्रेस ऑफिस से फोन आया क्या? खबर चीन से मिली? चीन की खबर इधर बेचोगे? रंगे हाथ पकड़े गए। आपको सोर्स कौन हैं?

एंकर के एक के बाद सवालों पर नाराज पैनलिस्ट मोहम्मद तौसीफ खान ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमें चीन से कोई मतलब नहीं। उन्होंने अर्नब को भाई और मेरी जान कहकर कहा- हमें उस चीन से क्या लेना देना। हमें सही खबर बताइए।

डिबेट में रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्शी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- अब दूसरी सरकार आ गई है तो झड़पें तो होंगी। झड़पें हो भी रही हैं और चीन को मुंह की खानी पड़ रही है। अब चीन की हालत पतली हो गई और चाटूकार उसकी ज्यादा मदद नहीं कर पाए। अब चीनी सैनिक पीछे हट रहे हैं तो तकलीफ हो रही है।

जीडी बख्सी ने पैनलिस्ट पर सवाल दागते हुए पूछा कि चीन पीछे हट रहा है तो उन्हें तकलीफ क्यों हो रही है। भारत की सेना ने चीन को पीछे हटने पर मजबूर किया है।

मालूम है कि हाल में चीनी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर तैनात भारत और चीन के अग्रिम पंक्ति के सैनिकों ने बुधवार से व्यवस्थित तरीके से पीछे हटना शुरू कर दिया। चीन के रक्षा मंत्रालय ने बीते बुधवार को ये दावा किया था।

इसपर भारत ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो (झील) इलाके में सैनिकों को पीछे हटाने के लिए चीन के साथ एक समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के परिणामस्वरूप किसी भी इलाके से दावे को नहीं छोड़ा है।

सरकार का यह बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दे दिया। साथ ही उन्होंने इस समझौते को लेकर भी सवाल उठाए। इस पर रक्षा मंत्रालय ने कड़े शब्दों वाला एक बयान जारी कर कहा कि पूर्वी लद्दाख सेक्टर में देश के राष्ट्रीय हित और भूभाग की प्रभावी तरीके से रक्षा की गई है, क्योंकि सरकार ने सशस्त्र बलों की ताकत पर पूरा भरोसा दिखाया है।

बयान में कहा गया है, ‘जिन्हें हमारे सैन्य र्किमयों के बलिदान से हासिल की गई उपलब्धियों पर संदेह है, दरअसल वे उनका (शहीद सैनिकों का) असम्मान कर रहे हैं।’ मंत्रालय ने बयान में कुछ खास स्पष्टीकरण दिया है और कहा, ‘यह कहना कि भारतीय भूभाग ‘फिंगर 4′ तक है, सरासर गलत है। जैसा कि भारत के नक्शे में भारतीय भूभाग प्रर्दिशत किया गया है, उसमें यह भी शामिल है कि 43,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र 1962 से चीन के अवैध कब्जे में है।’ 

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