टूलकिट केसः आरोपी निकिता जैकब को बॉम्बे HC से ट्रांजिट बेल

टूलकिट मामले में आरोपी निकिता जैकब को कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने निकिता को ट्रांजिट बेल दे दी है। मीडिया से बातचीत में निकिता की वकील संयुक्ता डे ने कहा, ”एक चीज के लिए किसी एक को टारगेट करोगे, तो वह गलत है। टूलकिट को लेकर निकिता ने रिसर्च किया, पर सिर्फ जानकारी के लिए। उनका मकसद, हिंसा भड़काने का नहीं था…।” उनकी वकील ने कहा कि निकिता फरार नहीं थीं, न रहेंगी, वे पूरी तरह से सहयोग कर रही हैं। कोर्ट ने 25 हजार के निजी मुचलके पर निकिता को जमानत दी है। साथ ही निकिता की गिरफ्तारी पर 3 हफ्ते की रोक लगाई है।

निकिता के वकीलों ने कहा कि दिल्ली की कोर्ट ने जो निकिता के खिलाफ गैर जमानती वांरट जारी किया था वह गलत संदर्भ में जारी किया गया था। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि निकिता के खिलाफ गैर जमानती वारंट इसलिए जारी किया गया था क्योंकि वह दिनभर पुलिस से बचती रहीं और पुलिस के सामने हाजिर नहीं हुईं।

इससे पहले सरकारी वकील ने निकिता को जमानत दिए जाने का विरोध किया था। निकिता के वकील ने कोर्ट को बताया कि टूलकिट की जानकारी तब सामने आई जब क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने टूलकिट को ट्विटर पर शेयर किया था।

निकिता के वकील ने कोर्ट को बताया कि निकिता ने टूलकिट अकेले तैयार नहीं किया था। उनका नाम पुलिस द्वारा दायर की गई FIR में नहीं है। टूलकिट के दस्तावेज में हिंसा भड़काने और लाल किले पर उपद्रव करने जैसी कोई बात नहीं कही गई है।

सरकारी वकील ने कहा कि हाइकोर्ट ट्रांजिट प्री अरेस्ट बेल पर फैसला नहीं दे सकता है। सरकारी वकील ने कई मामलों के उदाहरण देते हुए अपना पक्ष रखा।

इस पर निकिता के वकील ने कहा कि वे एक पर्यावरण एक्टिविस्ट हैं। निकिता ने अकेले टूल किट तैयार नहीं की थी। बनाने वालों में निकिता का नाम है। एक व्यक्ति जो टूलकिट बनाने में शामिल था , एक संगठन से जुड़ा है जिसे ‘खालिस्तानी’ बताया जा रहा है। इस संगठन पर कहीं कोई प्रतिबंध भी नहीं है।

बता दें कि इस मामले में पुलिस ने पिछले हफ्ते बेंगलुरू से दिशा रवि को भी गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पीडी नाइक ने मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। बॉम्बे हाइकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने मामले मे एक अन्य आरोपी शांतनु मुलुक को भी जमानत दे दी है।

बता दें कि निकिता जैकब पेशे से वकील हैं और मुंबई में रहती है। वे 6 साल से वकालत करती आ रही हैं। उनका नाम टूलकिट मामले में सामने आया है। इससे पहले पुलिस निकिता जैकब के घर पहुंची थी और तलाशी ली थी। पुलिस ने निकिता का कम्प्यूटर जब्त कर लिया था और उनका बयान लिया था।

 

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