राज्यसभा में जब AAP सांसद को वेंकैया नायडू ने करा दिया चुप

गुरुवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद सोशल मीडिया से संबंधित कई सवालों के जवाब दे रहे थे इस दौरान AAP सांसद सुशील कुमार गुप्ता ने मंत्री से एक सवाल किया, जिसमें उन्होंने स्वीडन के वीडन इंस्टीट्यूट की 2020 की रिपोर्ट का हवाला दिया। रिपोर्ट में भारतीय लोकतंत्र पर स्वीडिश संस्था द्वारा टिप्पणी की गई थी।

सांसद ने सवाल किया, ”जनाब स्वीडन के वीडन इंस्टीट्यूट की साल 2020 की डेमोक्रेसी रिपोर्ट में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी सरकार में मीडिया, नागरिक समाज और विपक्ष के लिए कम होती जगह के कारण ….” इस पर सभापित वेंकैया नायडू ने कहा कि ये कैसा सवाल है, कौन सी रिपोर्ट है ये?

इस पर AAP सांसद कहने लगे, स्वीडन के वीडन इंस्टीट्यूट…। उपराष्ट्रपति ने टोकते हुए कहा कि स्वीडन के वीडन का यहां क्या संबंध है? हमको क्या करना है? कहीं ओर से कोट कीजिए। ये सभी राजनीति है। स्वीडन अपनी ओर देखे। जो देश भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी कर रहे हैं। पहले खुद के गिरेबान में देखना चाहिए। फिर दूसरों को कहना चाहिए।

बता दें कि सभापति नायडू की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विदेश मंत्रालय ने किसानों के आंदोलन पर अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। कई मंत्रियों, मशहूर हस्तियों ने भी भारत की एकता और संप्रभुता के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना, स्वीडन की क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने किसानों के समर्थन में ट्वीट किया था।

जिस दस्तावेज़ के आधार पर ग्रेटा थनबर्ग ने ट्वीट किया, उसे लेकर दिल्ली पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। कई केंद्रीय मंत्रियों ने आरोप लगाया कि भारत के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय साजिश की योजना बनाई जा रही है और ट्विटर का इस्तेमाल एक मंच के रूप में किया जा रहा है।

मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को एक और चेतावनी जारी की गई है कि वे भारत के कानूनों और संविधान का उल्लंघन नहीं कर सकते हैं।

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