भारत सरकार द्वारा सप्लाई मुफ्त, फिर भी Covaxin को नहीं मिल रहे अंतरराष्ट्रीय खरीदार

नई दिल्ली। दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ वैक्सीनेशन का काम तेजी से किया जा रहा है। भारत, अमेरिका और ब्रिटेन में टीका लगवाने वाली की संख्या अब बहुत जल्द एक करोड़ को पार करने वाली है। इस बीच भारत की स्वदेशी वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ के निर्यात को लेकर बुरी खबर सामने आई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार द्वारा फ्री सप्लाई के बावजूद भारत बायोटेक की कोविड-19 वैक्सीन को अंतरराष्ट्रीय खरीदार नहीं मिल रहे है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सप्लाई मुफ्त होने के बाद भी कोविड-19 वैक्सीन Covaxin को खरीदने में बहुत कम देश रुचि दिखा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस संकट से जूझ रहे जिन सात देशों को भारत ने सहायता के तौर पर कोवैक्सीन की 8.1 लाख खुराक देने का वादा किया था उसने से सिर्फ 2 लाख खुराक म्यांमार द्वारा खरीदी गई है। कोविड-19 के खिलाफ भारत की तरफ से सद्भावना के तौर पर म्यांमार, मंगोलिया, ओमान, बहरीन, फिलिपिन, मालदीव और मॉरीशस को वैक्सीन भेजा जाना था।

इस संबंध में अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, विदेश मंत्री एस जयशंकर और MoS फार्मास्यूटिकल्स मनसुख मंडाविया के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय में 18 जनवरी को एक उच्च-स्तरीय बैठक होने वाली है। आपको बता दें कि इससे पहले कोवैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड को 15 जनवरी को एक ज्ञापन से सूचित किया गया था कि विदेश मंत्रालय द्वारा कोवैक्सीन के 8.1 लाख डोज को खरीदा जाएगा। विदेश मंत्रालय ने फैसला किया था, 22 जनवरी के बाद वैक्सीन की खरीद करेगा। एमईए के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने शुक्रवार को जानकारी दी कि कोरोना टीकों की 64.7 लाख खुराक अन्य देशों को अनुदान के रूप में आपूर्ति की गई हैं। जबकि 165 लाख खुराक की आपूर्ति वाणिज्यिक आधार पर की गई है।

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