लद्दाख में पैंगोंग झील से पीछने हटने लगी चीन और भारत की सेनाएं, चीनी रक्षा मंत्रालय का दावा

पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर तैनात भारत और चीन के अग्रिम पंक्ति के सैनिकों ने बुधवार से व्यवस्थित तरीके से पीछे हटना शुरू कर दिया। चीन के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को ये दावा किया। हालांकि खबर लिखे जाने तक भारतीय पक्ष की ओर से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं आई है। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल वु कियान ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों पर तैनात भारत और चीन के अग्रिम पंक्ति के सैनिकों ने बुधवार से व्यवस्थित तरीके से पीछे हटना शुरू कर दिया। उनके इस बयान से संबंधित खबर चीन के आधिकारिक मीडिया ने साझा की है।

कियान ने एक संक्षिप्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की नौवें दौर की वार्ता में बनी सहमति के अनुरूप दोनों देशों के सशस्त्र बलों की अग्रिम पंक्ति की इकाइयों ने आज 10 फरवरी से पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से व्यवस्थित तरीके से पीछे हटना शुरू कर दिया। बयान में कहा गया, ‘यह कदम भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की नौवें दौर की बैठक में दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के अनुरूप है।’

चीनी रक्षा मंत्रालय के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि मॉस्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक तथा दोनों पक्षों के बीच कोर कमांडर स्तर की नौवें दौर की वार्ता में बनी सहमति के बाद दोनों देशों की अग्रिम पंक्ति के सैनिकों ने 10 फरवरी से पैंगोंग झील क्षेत्र से समानांतर और व्यवस्थित ढंग से पीछे हटना शुरू कर दिया।

उन्होंने एक अलग बयान में कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय पक्ष संबंधित दिशा में चीन के साथ मिलकर काम करेगा, दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति का कड़ाई से पालन करेगा और वापसी प्रक्रिया का सुगम क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा।’

उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख में पिछले साल मई से सैन्य गतिरोध चला आ रहा है। दोनों देश मुद्दे के समाधान के लिए कई दौर की कूटनीतिक और सैन्य स्तर की वार्ता कर चुके हैं। दोनों देशों की सेनाओं के बीच गत 24 जनवरी को मोल्डो-चुशूल सीमा स्थल पर चीन की तरफ कोर कमांडर स्तर की नौवें दौर की वार्ता हुई थी।

 

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