नॉर्थ कोरिया की ‘भूखी’ जनता कर सकती है किम जोंग के खिलाफ विद्रोह, भड़के तानाशाह ने ‘वित्तमंत्री’ को भगाया

सियोल: नॉर्थ कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग उन ने अपने वित्तमंत्री को नालायक कहकर बर्खास्त कर दिया है। वहीं, कैबिनेट के सभी सदस्यों को जमकर फटकार लगाई है। किम जोंग उन देश की लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति से बेहद गुस्से में हैं और आर्थिक संकट से जूझने की कोशिश कर रहे हैं। तानाशाह के गुस्से में होने की वजह से नॉर्थ कोरिया के तमाम ब्यरोक्रेट्स इन दिनों बेहद टेंशन में चल रहे हैं।

‘वित्तमंत्री’ को किया बर्खास्त

देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए किम जोंग उन ने एक महीने पहले ही सीनियर इकोनॉमिक ऑफिसर को पद पर बहाल किया था। मगर एक महीने में ही सीनियर इकोनॉमिक ऑफिसर को नालायक और निकम्मा कहकर बाहर निकाल दिया। किम जोंग उन ने अफसर को कहा कि उनके पास देश की इकोनॉमी को गति देने के लिए एक भी प्लान नहीं है। नॉर्थ कोरिया की मीडिया के मुताबिक किम जोंग उन के लिए ये वक्त सबसे ज्यादा कठिन माना जा रहा है। क्योंकि देश की आर्थिक स्थिति कोरोना के बाद से बेहद खराब हो चुकी है। जिससे किसी भी तरह किम जोंग उन निजात पाना चाहते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप से अच्छे रिश्ते बनाकर तानाशाह किम जोंग उन चाहते थे कि अमेरिका उसके ऊपर से प्रतिबंध हटा ले मगर डोनाल्ड ट्रंप खुद सत्ता से बाहर हो चुके हैं और दूसरी तरफ कोरोना वायरस ने देश की आर्थिक हालत को खस्ता कर दिया है। नॉर्थ कोरिया में इस साल खेती बेहद खराब हुई है साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से भी नॉर्थ कोरिया बेहाल रहा है। कोरोना की वजह से देश की सरहदों को बंद रखना पड़ा। बताया जा रहा है कि नॉर्थ कोरिया इतना ज्यादा बेहाल 1990 के बाद पहली बार हुआ है।

नॉर्थ कोरिया की खराब स्थिति

कोरोना वायरस की वजह से नॉर्थ कोरियो और चीन के बीच का बोर्डर बंद है। और चीन नॉर्थ कोरिया के इकोनॉमी का सबसे बड़ा सोर्स है। एक तरह से कहें तो नॉर्थ कोरिया को चीन पालने काम करता है। चीन से मदद नहीं मिलने की वजह से नॉर्थ कोरिया की इकोनॉमी को 75 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही उत्पादन के लिए देश में रॉ मैटेरियल की कमी पड़ गई है। जिसकी वजह से देश में महंगाई दर सभी रिकॉर्ड को तोड़कर आगे निकल चुका है। कुछ आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि नॉर्थ कोरिया में स्थिति काफी विकराल तौर पर खराब हो चुकी है, जिसका खामियाजा सीधे सीधे किम जोंग उन को भुगतना पड़ेगा। क्योंकि, भूखी जनता के पास विद्रोह के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचेगा। वहीं, कुछ विशेषज्ञ इस बात की भी आशंका जता रहे हैं कि जनता के विद्रोह का दमन बेहद क्रूर अंदाज में ये तानाशाह कर सकता है।

किम जोंग उन ने मानी गलती

नॉर्थ कोरिया की विकराल स्थिति को लेकर किम जोंग उन ने सार्वजनिक तौर पर अपनी जनता के सामने कहा है कि उसके कैबिनेट ने जो आर्थिक नीतियां बनाई थीं वो फेल हो गई हैं। नॉर्थ कोरिया की कैबिनेट ने अगले पांच साल के लिए आर्थिक प्लान तैयार कर उसे पार्टी वर्कर्स कमेटी कांग्रेस में पिछले महीने पास करया था मगर गुरुवार को रिव्यू मीटिंग के दौरान किम जोंग उन पूरी कैबिनेट पर भड़ककर चिल्लाने लगे। किम जोंग उन ने कहा कि कैबिनेट ने जो भी प्लान बनाए हैं वो बेहद खराब हैं और उसे किसी भी हाल में लागू नहीं किया जा सकता है। कैबिनेट के इस प्लान में दूरदर्शिता नहीं है। किम जोंग ने कहा कि कैबिनेट ने खेती को लेकर इस साल जो लक्ष्य रखा है, वो अविश्वसनीय है और उसे किसी भी हाल में पूरा नहीं किया जा सकता है। किम जोंग उन ने अपनी कैबिनेट को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि जल्द से जल्द देश में प्रोडक्शन बढ़ाया जाए ताकि जनता की दिक्कतें दूर की जा सके।

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